🔹 पूजा से पहले छुट्टी पर विवाद
पश्चिम बंगाल में Saraswati Puja Holiday Controversy गहराता जा रहा है।
सरकार ने पूजा से ठीक पहले प्राथमिक स्कूलों में छुट्टी घोषित कर दी।
🔹 अभिभावकों और शिक्षकों में नाराजगी
लोगों का कहना है कि इससे पारंपरिक तैयारियां प्रभावित होंगी।
इसी कारण Saraswati Puja Holiday Controversy ने तूल पकड़ लिया।
🔹 तैयारी का दिन सबसे अहम
पूजा की पूर्व संध्या पर स्कूलों में उत्सव जैसा माहौल रहता है।
बच्चे सजावट और पूजा तैयारी में सक्रिय भूमिका निभाते हैं।
🔹 सांस्कृतिक सहभागिता पर असर
अवकाश के कारण छात्र इस सामूहिक अनुभव से वंचित रह गए।
इसी वजह से Saraswati Puja Holiday Controversy को गंभीर माना जा रहा है।
🔹 राढ़ बंगाल में तीखी प्रतिक्रिया
बांकुड़ा और पुरुलिया में नाराजगी ज्यादा देखी जा रही है।
यहां पूजा के बाद ‘गोटा सिद्ध’ और ‘पांता भात’ की परंपरा है।
🔹 परंपरा और समय का टकराव
आरोप है कि तैयारी के दिन छुट्टी दी गई।
लेकिन पारंपरिक अनुष्ठान वाले दिन स्कूल खुले रखे गए।
🔹 अभिभावकों की पीड़ा
अभिभावक असीम बनर्जी ने फैसले को असंवेदनशील बताया।
उन्होंने कहा कि Saraswati Puja Holiday Controversy धार्मिक भावनाओं से जुड़ा है।
🔹 शिक्षा विशेषज्ञों की चिंता
विशेषज्ञों का मानना है कि इससे बच्चे संस्कृति से कटेंगे।
उनका कहना है कि Saraswati Puja Holiday Controversy पर पुनर्विचार जरूरी है।
🔹 सोशल मीडिया पर बहस
यह मुद्दा सोशल मीडिया से सड़कों तक चर्चा में है।
लोग प्रशासन से परंपराओं का सम्मान करने की मांग कर रहे हैं।
🔹 भविष्य के लिए मांग
स्थानीय परंपराओं को ध्यान में रखकर छुट्टियां तय हों।
ताकि Saraswati Puja Holiday Controversy दोबारा न उठे।




