हरियाणा के शिक्षा मंत्री महीपाल ढांडा ने कहा है कि विकसित भारत – रोजगार और आजीविका के लिए गारंटी मिशन (ग्रामीण) यानी जी-राम-जी योजना से राज्य के श्रमिकों और किसानों—दोनों को सीधा लाभ मिलेगा। यह योजना अब पहले से अधिक संगठित और पारदर्शी तरीके से लागू की जा रही है।
बुधवार को सिरसा में पत्रकारों से बातचीत करते हुए शिक्षा मंत्री ने बताया कि इस योजना के तहत श्रमिकों को अधिक काम मिलेगा और काम की राशि सात दिनों के भीतर सीधे उनके बैंक खातों में पहुंचेगी।
🛠️ अब रोजगार होगा योजनाबद्ध
शिक्षा मंत्री ने कहा कि पहले मनरेगा जैसी योजनाओं में काम की कोई स्पष्ट योजना और निर्धारण नहीं होता था, जिससे अव्यवस्था और अनियमितता पैदा होती थी।
अब काम की पहचान पहले की जाएगी, उसके लिए बजट तय होगा और फिर श्रमिकों को लगाया जाएगा, जिससे रोजगार व्यवस्था मजबूत होगी।
👨🌾 किसानों को भी मिलेगा लाभ
ढांडा ने कहा कि इस नई योजना में किसानों की जरूरतों का भी पूरा ध्यान रखा गया है।
खेतों में फसल कटाई या अन्य कार्यों के समय उन्हें समय पर मजदूर उपलब्ध होंगे, जिससे खेती पर सकारात्मक असर पड़ेगा।
💰 सात दिन में मजदूरी
सरकार ने यह सुनिश्चित किया है कि
श्रमिकों को काम करने के सात दिन के भीतर मजदूरी सीधे बैंक खाते में मिलेगी।
इससे भ्रष्टाचार और बिचौलियों की भूमिका समाप्त होगी।
📜 संसद से पारित, पूरी तरह संवैधानिक
शिक्षा मंत्री ने कहा कि जी-राम-जी योजना संसद से पारित हुई है, इसलिए यह पूरी तरह संवैधानिक और कानूनी रूप से मजबूत है।
उन्होंने कहा कि सरकार महात्मा गांधी के स्वराज और आत्मनिर्भर गांवों की सोच को साकार कर रही है।
🔍 पुरानी गड़बड़ियों पर लगेगा अंकुश
उन्होंने स्वीकार किया कि पहले मनरेगा में
- अपात्र लोगों को लाभ
- पात्रों की अनदेखी
- भुगतान में देरी
जैसी समस्याएं थीं,
लेकिन अब डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) से यह सब समाप्त होगा।




