🔹 दुष्कर्म गर्भपात कानून पर क्या कहा कोर्ट ने?
सुप्रीम कोर्ट ने अहम टिप्पणी की।
दुष्कर्म गर्भपात कानून में बदलाव की जरूरत बताई गई।
कोर्ट ने केंद्र से संशोधन पर विचार करने को कहा।
🔹 समय सीमा पर क्या है सवाल?
कोर्ट ने कहा कि समय सीमा बाधा नहीं होनी चाहिए।
दुष्कर्म गर्भपात कानून में लचीलापन जरूरी बताया गया।
पीड़िता के हित को प्राथमिकता देने की बात कही गई।
🔹 पीड़िता के अधिकार पर जोर
कोर्ट ने कहा कि फैसला पीड़िता का होना चाहिए।
जबरन गर्भ जारी रखना मानसिक नुकसान दे सकता है।
दुष्कर्म गर्भपात कानून में यह पहलू अहम माना गया।
🔹 सुनवाई में क्या हुआ?
एम्स ने गर्भ हटाने पर आपत्ति जताई।
सरकार की ओर से मेडिकल जोखिम की बात रखी गई।
दुष्कर्म गर्भपात कानून पर कोर्ट ने अलग रुख दिखाया।
🔹 क्यों है यह मामला अहम?
यह फैसला भविष्य के कानून को प्रभावित कर सकता है।
महिलाओं के अधिकार पर नई बहस शुरू हो सकती है।
दुष्कर्म गर्भपात कानून में बदलाव की संभावना बढ़ी।



