ताजमहल की तस्वीर पर विवाद
ताजमहल की तस्वीर को लेकर एक नया विवाद खड़ा हो गया है।
अमेरिका की एक सरकारी पहल में इस ऐतिहासिक स्मारक की फोटो इस्तेमाल किए जाने पर राजनीतिक प्रतिक्रिया तेज हो गई है।
मनीष तिवारी का सरकार पर सवाल
मनीष तिवारी ने इस मामले में कड़ी आपत्ति जताई है।
उन्होंने कहा कि भारत सरकार को इस मुद्दे पर स्पष्ट रुख अपनाना चाहिए और देश की गरिमा की रक्षा करनी चाहिए।
क्या है पूरा मामला?
U.S. Department of Homeland Security ने अवैध प्रवासियों के लिए “सेल्फ-डिपोर्टेशन” अभियान शुरू किया है।
👉 इस अभियान में ताजमहल की तस्वीर के साथ संदेश दिया गया कि लोग स्वेच्छा से अपने देश लौट सकते हैं।
योजना में क्या ऑफर?
इस स्कीम के तहत—
- मुफ्त हवाई टिकट
- 2600 डॉलर का एग्जिट बोनस
- बिना सख्त कार्रवाई के वापसी का विकल्प
👉 इसे “नई शुरुआत” के रूप में प्रचारित किया जा रहा है।
पहले भी उठे थे सवाल
तिवारी ने कहा कि पहले भी जब भारतीयों को निर्वासित किया गया, तब उनके साथ अमानवीय व्यवहार हुआ।
👉 ऐसे मामलों पर सरकार की चुप्पी को उन्होंने चिंताजनक बताया।
गरिमा और कूटनीति पर बहस
👉 कुल मिलाकर, ताजमहल विवाद ने न केवल एक फोटो के इस्तेमाल पर सवाल खड़े किए हैं, बल्कि यह मुद्दा अब भारत की कूटनीतिक प्रतिक्रिया और राष्ट्रीय सम्मान से भी जुड़ गया है।


