🔹 उत्तराखंड में बैंककर्मियों की हड़ताल का व्यापक असर
यूनाइटेड फोरम ऑफ बैंक यूनियंस (यूएफबीयू) के आह्वान पर मंगलवार को उत्तराखंड में बैंककर्मियों की राष्ट्रव्यापी हड़ताल का व्यापक असर देखने को मिला। इस हड़ताल में राज्य की लगभग 4200 सरकारी और निजी बैंक शाखाएं शामिल रहीं, जिससे बैंकिंग सेवाएं बुरी तरह प्रभावित हुईं।
🔹 पांच दिवसीय कार्य सप्ताह की प्रमुख मांग
उत्तरांचल बैंक इम्प्लाइज यूनियन के प्रदेश अध्यक्ष अनिल कुमार जैन ने बताया कि बैंककर्मियों की मुख्य मांग सप्ताह में पांच कार्य दिवस लागू करने की है। उन्होंने कहा कि बैंकिंग क्षेत्र में लंबे समय से इस मांग को लेकर आंदोलन चल रहा है।
उन्होंने जानकारी दी कि वर्ष 2015 में हुए 10वें द्विपक्षीय समझौते के तहत हर महीने के दूसरे और चौथे शनिवार को अवकाश देने पर सहमति बनी थी, जबकि अन्य शनिवारों को पूर्ण कार्य दिवस रखा गया। उस समय यह आश्वासन दिया गया था कि सभी शनिवारों को अवकाश घोषित करने पर भविष्य में विचार किया जाएगा, लेकिन यह मुद्दा अब तक लंबित है।
🔹 2023 में बनी थी समय बढ़ाकर शनिवार अवकाश की सहमति
अनिल कुमार जैन ने बताया कि 2022 में सरकार और भारतीय बैंक संघ के साथ बातचीत हुई थी और 2023 में यह तय किया गया था कि सोमवार से शुक्रवार तक कार्य समय में प्रतिदिन 40 मिनट की वृद्धि कर सभी शनिवारों को अवकाश घोषित किया जाएगा।
हालांकि, अब तक इस निर्णय को लागू नहीं किया गया है, जिससे कर्मचारियों में नाराजगी बनी हुई है।
🔹 देहरादून में जोरदार प्रदर्शन
हड़ताल के तहत देहरादून में सेंट्रल बैंक के निकट राजपुर रोड पर जोरदार प्रदर्शन किया गया।
यूएफबीयू देहरादून के संयोजक कॉमरेड इन्द्र सिंह रावत के नेतृत्व में बैंक अधिकारियों और कर्मचारियों ने नारेबाजी करते हुए सरकार से पांच दिवसीय बैंक कार्य सप्ताह जल्द लागू करने की मांग की।
🔹 महिला कर्मचारियों की भी सक्रिय भागीदारी
इस प्रदर्शन में इन्द्र सिंह रावत, अनिल जैन, हेमंत मल्होत्रा, चंद्रकांत जोशी, कमल तोमर, निशांत शर्मा, नरोत्तम मनिहाल, शार्दुल ढौंढियाल, कुलदीप सिंह सहित बड़ी संख्या में महिला बैंककर्मी भी शामिल रहीं।




