▶️ गुजरात में स्वास्थ्य क्षेत्र में बड़ा फैसला
गुजरात क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल 2026 विधानसभा में बिना विरोध के पारित हो गया है। इस संशोधन का उद्देश्य राज्य में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारना और फर्जी डॉक्टरों पर रोक लगाना है।
▶️ क्या है इस कानून का मकसद?
स्वास्थ्य मंत्री ऋषिकेश पटेल ने बताया कि वर्ष 2021 में लागू कानून का लक्ष्य बिना योग्यता चिकित्सा करने वालों पर नियंत्रण था।
अब संशोधन के जरिए इसे और प्रभावी बनाया गया है।
▶️ नए संशोधन में क्या बदलाव?
- रजिस्ट्रेशन की समय-सीमा तय करने का अधिकार सरकार को
- नोटिफिकेशन के जरिए समय-सीमा बढ़ाने की सुविधा
- प्रोविजनल रजिस्ट्रेशन अवधि में भी लचीलापन
- प्रशासनिक प्रक्रिया को सरल और तेज बनाने पर जोर
अब तक राज्य में करीब 41,000 अस्थायी और 2,000 स्थायी रजिस्ट्रेशन किए जा चुके हैं।
▶️ नियम तोड़ने पर कड़ी कार्रवाई
गुजरात क्लिनिकल एस्टेब्लिशमेंट बिल 2026 के तहत:
- 10,000 से 5 लाख रुपये तक जुर्माना
- गंभीर मामलों में क्लिनिक/अस्पताल का रजिस्ट्रेशन रद्द
इससे स्वास्थ्य सेवाओं में पारदर्शिता और जवाबदेही बढ़ेगी।
▶️ मरीजों को क्या फायदा?
इस कानून से मरीजों को सुरक्षित और भरोसेमंद इलाज मिलेगा।
साथ ही फर्जी डॉक्टरों और धोखाधड़ी के मामलों में कमी आने की उम्मीद है।



