▶️ महान साहित्यकार को श्रद्धांजलि
मित्रदेव महंत पुण्यतिथि के अवसर पर असम के मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा ने प्रख्यात साहित्यकार मित्रदेव महंत को भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।
▶️ भाषा और साहित्य के प्रति समर्पण
मुख्यमंत्री ने कहा कि मित्रदेव महंत ने अपना संपूर्ण जीवन असमिया भाषा और साहित्य की सेवा में समर्पित किया।
उनका योगदान न केवल साहित्यिक था, बल्कि सांस्कृतिक रूप से भी बेहद महत्वपूर्ण रहा।
▶️ प्रेरणा देने वाला संदेश
सीएम सरमा ने अपने संदेश में कहा कि महंत ने यह सिखाया कि भाषा केवल शब्दों का संग्रह नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र की आत्मा होती है।
▶️ अमर रचना का उल्लेख
उन्होंने महंत की प्रसिद्ध रचना “चिर सेनेही मोर भाषा जननी” का उल्लेख करते हुए कहा कि यह रचना भाषा प्रेम की अमर ज्योति है, जो आने वाली पीढ़ियों को प्रेरित करती रहेगी।
▶️ असमिया संस्कृति में योगदान
मित्रदेव महंत पुण्यतिथि पर उनके योगदान को याद करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि उनकी विरासत असमिया भाषा और संस्कृति को सशक्त बनाती रहेगी।



