▶️ बदलते समीकरणों की अहम सीट
हुगली की उत्तरपाड़ा विधानसभा सीट 2026 चुनाव में बेहद अहम और दिलचस्प बन गई है। यह मुकाबला अब सिर्फ एक सीट की लड़ाई नहीं, बल्कि बदलते राजनीतिक संतुलन की परीक्षा बन चुका है।
▶️ त्रिकोणीय मुकाबले ने बढ़ाई टक्कर
इस सीट पर तृणमूल कांग्रेस ने शीर्षण्य बंदोपाध्याय, भारतीय जनता पार्टी ने दीपांजन चक्रवर्ती और मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी ने मीनाक्षी मुखोपाध्याय को उम्मीदवार बनाया है। इससे मुकाबला पूरी तरह त्रिकोणीय हो गया है।
▶️ 2016 से 2021 तक बदले समीकरण
2016 में टीएमसी करीब 45% वोट शेयर के साथ आगे थी, जबकि वाम-कांग्रेस गठबंधन 39% पर था और भाजपा 13% पर सीमित रही।
लेकिन 2021 में तस्वीर बदल गई—टीएमसी 47% पर पहुंची, भाजपा 29% तक उछली और माकपा 16% पर सिमट गई। इससे भाजपा मुख्य चुनौतीकर्ता बनकर उभरी।
▶️ 2026 में किसकी रणनीति भारी?
अब 2026 में टीएमसी अपने मजबूत वोट बैंक को बनाए रखना चाहती है। भाजपा 29% से बढ़कर 40% के करीब पहुंचने की कोशिश में है, जबकि माकपा अपने वोट शेयर को फिर 20-25% तक ले जाने की रणनीति बना रही है।
▶️ उम्मीदवारों की भूमिका अहम
टीएमसी उम्मीदवार शीर्षण्य बंदोपाध्याय की संगठन पर मजबूत पकड़ है। माकपा की मीनाक्षी मुखोपाध्याय युवा और आक्रामक चेहरा हैं। वहीं भाजपा के दीपांजन चक्रवर्ती पूर्व एनएसजी कमांडो हैं, जो नए मतदाताओं को आकर्षित करने में जुटे हैं।
▶️ हर वोट बनेगा निर्णायक
करीब 2.5 लाख मतदाताओं वाली इस सीट पर 2021 में 77% मतदान हुआ था। यहां 2-3% वोट का मामूली बदलाव भी नतीजे को पूरी तरह बदल सकता है।



