बद्रीनाथ में शुरू हुआ अंतरराष्ट्रीय सेमिनार
बद्रीनाथ धाम में भारतीय ज्ञान परंपरा विषय पर तीन दिवसीय अंतरराष्ट्रीय सेमिनार का शुभारंभ हुआ। इस आयोजन में देशभर से विद्वान, शोध छात्र और प्रोफेसर शामिल हुए हैं।
350 से अधिक प्रतिभागी पहुंचे
कार्यक्रम में 350 से अधिक प्रतिभागियों ने हिस्सा लिया। भारतीय ज्ञान परंपरा पर आधारित इस सेमिनार का आयोजन कई विश्वविद्यालयों और संस्थानों के संयुक्त सहयोग से किया जा रहा है।
बद्रीनाथ को बताया आध्यात्मिक केंद्र
मुख्य अतिथि स्वामी बालकनाथ ने कहा कि बद्रीनाथ केवल धार्मिक स्थल नहीं है। उन्होंने बताया कि भारतीय ज्ञान परंपरा का यह एक महत्वपूर्ण केंद्र रहा है, जहां से अध्यात्म और वेदों की चेतना पूरे विश्व में फैली।
वेद और योग पर हुई चर्चा
सेमिनार में वेद, उपनिषद, योग-विज्ञान और गुरुकुल परंपरा पर विस्तार से चर्चा की गई। वक्ताओं ने कहा कि भारतीय ज्ञान परंपरा आज भी दुनिया को नई दिशा देने की क्षमता रखती है।
विद्वानों ने रखे अपने विचार
कार्यक्रम में कई शिक्षाविदों और संस्कृत विद्वानों ने अपने विचार साझा किए। उन्होंने बद्रीनाथ धाम की आध्यात्मिक और सांस्कृतिक महत्ता पर प्रकाश डाला। भारतीय ज्ञान परंपरा को नई पीढ़ी तक पहुंचाने पर भी जोर दिया गया।
सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने बांधा समां
कार्यक्रम के दौरान वैदिक मंत्रोच्चार और सांस्कृतिक प्रस्तुतियों ने वातावरण को भक्तिमय बना दिया। इस मौके पर एक पुस्तक का विमोचन भी किया गया।



