कोरबा में अवैध रेत खनन के खिलाफ महिलाओं का विरोध
छत्तीसगढ़ के कोरबा जिले में अवैध रेत खनन के खिलाफ ग्रामीण महिलाओं ने बड़ा कदम उठाया। पाली थाना क्षेत्र के ग्राम कनकी जोगी में महिलाओं ने अवैध उत्खनन करते हुए दो जेसीबी मशीन और एक हाइवा वाहन को पकड़ लिया। घटना के बाद इलाके में अफरा-तफरी मच गई और बड़ी संख्या में ग्रामीण मौके पर जुट गए।
महिलाओं ने रेत माफिया पर लगाए गंभीर आरोप
ग्रामीण महिलाओं का आरोप है कि रेत माफिया शासन द्वारा अधिकृत घाटों के बजाय चोरी-छिपे अन्य स्थानों से अवैध रूप से रेत निकाल रहे हैं। महिलाओं ने कहा कि गांव के आसपास लंबे समय से अवैध उत्खनन जारी है, जिसकी कई बार शिकायत की गई, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
ग्रामीणों के अनुसार, प्रशासन की अनदेखी के कारण रेत माफियाओं के हौसले लगातार बढ़ते जा रहे हैं।
भारी वाहनों से गांव में बढ़ा खतरा
महिलाओं ने बताया कि रेत से भरे भारी वाहन गांव के मुख्य रास्तों से तेज रफ्तार में गुजरते हैं, जिससे दुर्घटना का खतरा बना रहता है। बच्चों और बुजुर्गों के लिए सड़क पर निकलना मुश्किल हो गया है।
ग्रामीणों का कहना है कि कई बार हादसे जैसी स्थिति बन चुकी है, लेकिन जिम्मेदार विभागों ने अब तक गंभीरता नहीं दिखाई।
पर्यावरण को भी हो रहा नुकसान
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि मशीनों से लगातार हो रहे अवैध उत्खनन से नदी और आसपास के क्षेत्रों का प्राकृतिक स्वरूप बदल रहा है। इससे पर्यावरण और जमीन दोनों को नुकसान पहुंच रहा है।
पुलिस और खनिज विभाग जांच में जुटे
घटना की सूचना मिलने के बाद पुलिस और खनिज विभाग सक्रिय हो गया है। उरगा थाना प्रभारी नवीन पटेल ने बताया कि महिलाओं की शिकायत पर पुलिस टीम मौके पर भेजी गई है और पूरे मामले की जांच की जा रही है।
उन्होंने कहा कि अवैध खनन और परिवहन किसी भी स्थिति में बर्दाश्त नहीं किया जाएगा और जांच के बाद नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।
आंदोलन की चेतावनी
घटना के बाद गांव में भारी आक्रोश है। महिलाओं ने चेतावनी दी है कि यदि अवैध रेत खनन पर जल्द रोक नहीं लगी तो ग्रामीण बड़े आंदोलन के लिए मजबूर होंगे। फिलहाल प्रशासन की कार्रवाई पर सभी की नजरें टिकी हुई हैं।



