पूर्व भारतीय ओलंपियन रणधीर सिंह का निधन
पूर्व भारतीय निशानेबाज और ओलंपियन Randhir Singh का बुधवार सुबह नई दिल्ली में 79 वर्ष की आयु में निधन हो गया। उनके निधन से भारतीय खेल जगत और खासतौर पर निशानेबाजी समुदाय में शोक की लहर दौड़ गई है।
भारतीय खेल प्रशासन में निभाई बड़ी भूमिका
अर्जुन पुरस्कार से सम्मानित रणधीर सिंह लंबे समय तक भारतीय और एशियाई खेल प्रशासन के प्रमुख चेहरों में शामिल रहे। वह वर्ष 1987 से 2012 तक Indian Olympic Association के महासचिव रहे।
इसके अलावा वह 2001 से 2014 तक International Olympic Committee के सदस्य भी रहे। बाद में उन्हें मानद सदस्य का दर्जा दिया गया था।
एशियाई ओलंपिक परिषद के पहले भारतीय अध्यक्ष बने
सितंबर 2024 में रणधीर सिंह ने इतिहास रचते हुए Olympic Council of Asia के पहले भारतीय अध्यक्ष बनने का गौरव हासिल किया था। उन्हें नई दिल्ली में आयोजित 44वीं महासभा में वर्ष 2028 तक के लिए अध्यक्ष चुना गया था।
हालांकि खराब स्वास्थ्य के कारण उनका कार्यकाल समय से पहले समाप्त हो गया।
पांच बार ओलंपिक में किया भारत का प्रतिनिधित्व
पंजाब के पटियाला से संबंध रखने वाले रणधीर सिंह खेल परिवार से आते थे। वह पांच बार ओलंपिक में भारत का प्रतिनिधित्व करने वाले प्रमुख निशानेबाज रहे।
उन्होंने 1978 के Asian Games में स्वर्ण पदक जीतकर भारत को निशानेबाजी में पहला एशियाई खेल स्वर्ण दिलाया था।
एनआरएआई ने जताया शोक
National Rifle Association of India के सचिव राजीव भाटिया ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया।
उन्होंने कहा कि रणधीर सिंह एक महान ओलंपियन, अर्जुन पुरस्कार विजेता और अंतरराष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित खेल प्रशासक थे। निशानेबाजी खेल और ओलंपिक आंदोलन के विकास में उनका योगदान हमेशा याद रखा जाएगा।



