सिरसा के उपायुक्त शांतनु शर्मा ने अधिकारियों को निर्देश दिए हैं कि समाधान शिविरों में प्राप्त जन शिकायतों की नियमित मॉनिटरिंग कर उनका स्थायी और समयबद्ध समाधान सुनिश्चित किया जाए। उन्होंने कहा कि शिकायतकर्ता को भी कार्रवाई की जानकारी दी जाए ताकि पारदर्शिता बनी रहे और मामला दोबारा न खुले।
डीसी शुक्रवार को समाधान प्रकोष्ठ की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता कर रहे थे। इससे पहले मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से सभी जिलों की शिकायतों की समीक्षा करते हुए शीघ्र निपटान के निर्देश दिए।
📊 शिकायतों की वर्तमान स्थिति
उपायुक्त ने बताया कि अब तक समाधान शिविर में कुल 7,348 शिकायतें दर्ज हुई हैं, जिनमें से
- 6,011 शिकायतों का समाधान किया जा चुका है
- 155 शिकायतें प्रक्रियाधीन हैं
- 849 शिकायतें रिजेक्ट की गई हैं
- 258 शिकायतें रिओपन की गई हैं
उन्होंने कहा कि यह अभियान जनता के लिए एक ही छत के नीचे सभी समस्याओं के समाधान का मजबूत मंच है।
🏛️ विभागीय समन्वय पर ज़ोर
डीसी ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि जो शिकायतें एक से अधिक विभागों से संबंधित हों, उन्हें केवल एक विभाग को भेजने के बजाय सभी संबंधित विभागों से रिपोर्ट लेकर समन्वित समाधान किया जाए।
उन्होंने यह भी कहा कि लंबित शिकायतों की वरिष्ठ अधिकारी स्तर पर मॉनिटरिंग की जाए ताकि किसी भी मामले में अनावश्यक देरी न हो।
🧑💼 प्रशासन की प्राथमिकता
बैठक में एडीसी वीरेंद्र सहरावत, पुलिस अधीक्षक दीपक सहारण और जिला परिषद सीईओ डॉ. सुभाष चंद्र भी उपस्थित रहे।
उपायुक्त ने दोहराया कि जन शिकायतों का समय पर और गुणवत्तापूर्ण समाधान ही प्रशासन की सबसे बड़ी जिम्मेदारी है।




