मध्य प्रदेश महिला कांग्रेस ने इंदौर के भागीरथपुरा दूषित जल कांड को लेकर राज्य सरकार पर गंभीर आरोप लगाए हैं। महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष रीना बौरासी सेतिया ने कहा कि इस मामले में 15 लोगों की मौत के बावजूद सरकार असली दोषियों को बचाने की कोशिश कर रही है और सिर्फ दिखावटी कार्रवाई की जा रही है।
रीना बौरासी ने बयान जारी कर कहा कि लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी द्वारा ट्वीट किए जाने के बाद सरकार ने कार्रवाई का नाटक किया। उन्होंने आरोप लगाया कि शहर के महापौर और विभागीय मंत्री की मांग के बावजूद अब तक किसी बड़े जिम्मेदार पर कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई है।
उन्होंने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव द्वारा किए गए ट्वीट पर भी सवाल उठाते हुए कहा कि सिर्फ अपर आयुक्त को हटाना और अधीक्षण यंत्री का विभाग बदलना किसी भी तरह से सजा नहीं है।
उन्होंने कहा, “तबादला कोई दंड नहीं, बल्कि एक प्रशासनिक प्रक्रिया है। 15 लोगों की मौत की जिम्मेदारी तय करने के बजाय सरकार केवल अधिकारियों को इधर-उधर कर रही है।”
महिला कांग्रेस अध्यक्ष ने पूर्व मुख्यमंत्री उमा भारती की टिप्पणी का समर्थन करते हुए कहा कि इस मामले में दोषियों को ऐसी सजा मिलनी चाहिए, जो पूरे देश के लिए मिसाल बने। उन्होंने कहा कि इंदौर जैसे प्रतिष्ठित शहर की छवि को इस लापरवाही ने देशभर में नुकसान पहुंचाया है।
रीना बौरासी ने कहा कि सरकार की मौजूदा कार्रवाई अधिकारियों को यह संदेश दे रही है कि चाहे कितनी भी बड़ी लापरवाही हो, ज्यादा से ज्यादा तबादला ही होगा।
उन्होंने चेतावनी देते हुए कहा कि जनता की जान से खेलने वालों को सख्त से सख्त सजा मिलनी चाहिए, ताकि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति न हो।




