बंदूक की गोली से जलती है बड़ी होली
मध्य प्रदेश के विदिशा जिले के सिरोंज में खास परंपरा है।
सिरोंज होलिका दहन परंपरा में बड़ी होली गोली से जलाई जाती है।
पहले सूखी घास और लकड़ी का ढेर तैयार किया जाता है।
फिर पारंपरिक तरीके से बंदूक से फायर किया जाता है।
33 से अधिक स्थानों पर दहन
इस वर्ष नगर में 33 से ज्यादा स्थानों पर आयोजन होगा।
बड़ी होली की अग्नि से अन्य होलिकाएं भी जलाई जाएंगी।
सिरोंज होलिका दहन परंपरा को देखने लोग दूर से आते हैं।
होल्कर काल से जुड़ी परंपरा
धर्माचार्य पंडित नलिनीकांत शर्मा ने इसका इतिहास बताया।
यह परंपरा होल्कर शासनकाल से जुड़ी मानी जाती है।
तब इसे “रावजी की होली” कहा जाता था।
आज भी सिरोंज होलिका दहन परंपरा उसी रीति से निभती है।
कानूनगो माथुर परिवार निभा रहा जिम्मेदारी
वर्तमान में कानूनगो माथुर परिवार आयोजन करता है।
परिवार पीढ़ी दर पीढ़ी इस परंपरा को निभा रहा है।
कभी इसे रोकने का प्रयास भी हुआ था।
हालांकि सिरोंज होलिका दहन परंपरा निरंतर जारी रही।
सुरक्षा के विशेष इंतजाम
त्योहार को लेकर पुलिस ने कड़े इंतजाम किए हैं।
संवेदनशील क्षेत्रों में विशेष निगरानी रखी जाएगी।



