⚠️ वैश्विक ऊर्जा संकट की चेतावनी
वैश्विक ऊर्जा संकट को लेकर International Energy Agency ने गंभीर चेतावनी दी है।
संस्था के प्रमुख फातिह बिरोल ने कहा कि पश्चिम एशिया युद्ध ने वैश्विक अर्थव्यवस्था को खतरे में डाल दिया है।
⛽ तेल और गैस आपूर्ति पर बड़ा असर
संघर्ष के कारण तेल, गैस और एलएनजी की आपूर्ति बुरी तरह प्रभावित हुई है।
स्ट्रेट ऑफ होर्मुज लगभग ठप होने से शिपिंग पर भी असर पड़ा है।
📉 भारी सप्लाई कमी
रिपोर्ट के अनुसार
दुनिया में तेल आपूर्ति करीब 11 मिलियन बैरल प्रति दिन घट गई है।
एलएनजी सप्लाई में भी लगभग 140 बिलियन क्यूबिक मीटर की कमी आई है।
🌍 1970 के संकट से भी बड़ा खतरा
IEA के अनुसार मौजूदा हालात
1973 और 1979 के तेल संकट से भी ज्यादा गंभीर हो सकते हैं।
साथ ही 2022 के गैस संकट से भी बड़ा असर देखने को मिल सकता है।
🏭 ऊर्जा संयंत्रों को भारी नुकसान
युद्ध के कारण पश्चिम एशिया के 9 देशों में
40 से अधिक ऊर्जा संयंत्रों को भारी नुकसान पहुंचा है।
इनके दोबारा चालू होने में समय लगेगा।
🌏 एशिया पर सबसे ज्यादा असर
वैश्विक ऊर्जा संकट का सबसे ज्यादा असर एशिया पर पड़ रहा है,
क्योंकि यह क्षेत्र आयातित ऊर्जा पर निर्भर है।
🚨 समाधान के लिए कदम
IEA ने 400 मिलियन बैरल तेल जारी करने की योजना बनाई है।
साथ ही रिमोट वर्किंग, कारपूलिंग और स्पीड लिमिट जैसे उपाय सुझाए गए हैं।
📢 क्या है सबसे जरूरी
विशेषज्ञों का मानना है कि
ऊर्जा आपूर्ति बहाल करने के लिए होर्मुज जलडमरूमध्य को खोलना बेहद जरूरी है।



