🔹 बैरियर-लेस टोल प्रणाली क्या है?
नितिन गडकरी ने नई तकनीक का शुभारंभ किया।
बैरियर-लेस टोल प्रणाली अब दिल्ली में शुरू हो गई है।
इससे वाहनों को टोल पर रुकना नहीं पड़ेगा।
🔹 कहां शुरू हुई नई व्यवस्था?
नई दिल्ली के मुंडका-बक्करवाला टोल प्लाजा पर शुरुआत हुई।
यह देश की दूसरी बैरियर-लेस टोल प्रणाली है।
पहली व्यवस्था गुजरात में लागू की गई थी।
🔹 कैसे काम करेगी यह तकनीक?
इस प्रणाली में कैमरे और फास्टैग तकनीक का उपयोग होगा।
वाहन गुजरते ही टोल राशि स्वतः कट जाएगी।
बैरियर-लेस टोल प्रणाली पूरी तरह डिजिटल होगी।
🔹 यात्रियों को क्या फायदा मिलेगा?
वाहनों को लंबी कतारों में नहीं रुकना पड़ेगा।
यात्रा समय और ईंधन दोनों की बचत होगी।
बैरियर-लेस टोल प्रणाली से ट्रैफिक जाम भी कम होगा।
🔹 आगे क्या योजना है?
NHAI कई राज्यों में इसे लागू करेगा।
मार्च 2027 तक 100 से अधिक टोल प्लाजा जोड़े जाएंगे।
बैरियर-लेस टोल प्रणाली देशभर में तेजी से विस्तार करेगी।
🔹 नियम तोड़ने वालों पर क्या कार्रवाई होगी?
कम बैलेंस या ब्लैकलिस्ट फास्टैग पर ई-नोटिस जारी होगा।
बकाया भुगतान तक फास्टैग निलंबित रहेगा।
बैरियर-लेस टोल प्रणाली में सख्त निगरानी रखी जाएगी।



