मुख्यमंत्री योगी ने लिखी पाती
उत्तर प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने प्रदेशवासियों के नाम एक विशेष पाती लिखी है। उन्होंने लोगों से प्राचीन पाण्डुलिपि के संरक्षण में सहयोग करने की अपील की है।
पाण्डुलिपियों को बताया सांस्कृतिक धरोहर
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्राचीन पाण्डुलिपि भारत की ज्ञान परंपरा और संस्कृति की पहचान हैं। वेद, उपनिषद और रामायण जैसे ग्रंथ हमारी अमूल्य धरोहर हैं।
ज्ञान और विज्ञान का खजाना
उन्होंने बताया कि प्राचीन पाण्डुलिपि में गणित, विज्ञान, चिकित्सा और कला से जुड़ा महत्वपूर्ण ज्ञान सुरक्षित है। यह हमारी सभ्यता और सोच को दर्शाती हैं।
लोगों से की खास अपील
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि यदि किसी के पास प्राचीन पाण्डुलिपि, ताड़पत्र या हस्तलिखित ग्रंथ हैं, तो उनकी जानकारी साझा करें।
ऐप और पोर्टल पर करें अपलोड
सरकार ने इसके लिए ‘ज्ञान भारतम्’ मोबाइल ऐप और पोर्टल की सुविधा उपलब्ध कराई है। यहां जानकारी अपलोड कर पाण्डुलिपियों का संरक्षण सुनिश्चित किया जा सकता है।
लाखों पाण्डुलिपियों की हो चुकी पहचान
मुख्यमंत्री ने बताया कि अब तक लगभग सात लाख प्राचीन पाण्डुलिपि की पहचान की जा चुकी है। सरकार इन्हें सुरक्षित रखने के लिए लगातार प्रयास कर रही है।



