कोर्ट का निर्देश: याचिका में करें सुधार
गौतम गंभीर से जुड़े व्यक्तित्व अधिकार मामले में दिल्ली उच्च न्यायालय ने महत्वपूर्ण टिप्पणी की है।
जस्टिस ज्योति सिंह की पीठ ने गंभीर को अपनी याचिका में सुधार करने का निर्देश दिया है।
मामले की अगली सुनवाई 23 मार्च को होगी।
क्या है पूरा मामला
गौतम गंभीर ने आरोप लगाया है कि उनकी पहचान का AI और डीपफेक तकनीक के जरिए दुरुपयोग किया जा रहा है।
उनके अनुसार:
- फर्जी वीडियो में उनके इस्तीफे की खबर चलाई गई
- खिलाड़ियों पर मनगढ़ंत बयान दिखाए गए
- उनकी छवि को नुकसान पहुंचाने की कोशिश हुई
करोड़ों का मुआवजा मांगा
याचिका में गंभीर ने ₹2.5 करोड़ मुआवजे की मांग की है।
उन्होंने 16 प्रतिवादियों के खिलाफ मामला दायर किया है, जिसमें:
- सोशल मीडिया अकाउंट
- प्लेटफॉर्म
- ई-कॉमर्स वेबसाइट्स शामिल हैं
व्यक्तित्व अधिकार पर बढ़ती चिंता
यह मामला डिजिटल युग में व्यक्तित्व अधिकार (Personality Rights) के महत्व को दर्शाता है।
बिना अनुमति किसी की:
- आवाज
- चेहरा
- नाम
का इस्तेमाल करना कानूनन गलत माना जाता है।
पहले भी कोर्ट दे चुका है आदेश
दिल्ली हाई कोर्ट पहले भी कई मशहूर हस्तियों के पक्ष में ऐसे आदेश दे चुका है, जिनमें शामिल हैं:
- सलमान खान
- अजय देवगन
- ऐश्वर्या राय
- बाबा रामदेव
इन मामलों में कोर्ट ने उनकी पहचान के दुरुपयोग पर रोक लगाई थी।



